वाल्मीकिनगर से ओमप्रकाश श्रीवास्तव उर्फ गोपी जी की रिपोर्ट………………
…… छापेमारी के दौरान कथित डॉक्टर फरार, भारी मात्रा में दवाएं और इलाज में इस्तेमाल होने वाले सामान जब्त……..
वाल्मीकिनगर में अवैध रूप से निजी क्लीनिक संचालित किए जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार की शाम बड़ी कार्रवाई की। सिंचाई विभाग की ई-टाइप कॉलोनी स्थित एक सरकारी क्वार्टर में चल रहे कथित अवैध क्लीनिक पर हरनाटांड़ के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. केबीएन सिंह ने चिकित्सकीय टीम के साथ छापेमारी की।

कार्रवाई के दौरान क्लीनिक संचालित करने का आरोप झेल रहे एंबुलेंस चालक नंद किशोर प्रसाद मौके से फरार हो गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्वार्टर से भारी मात्रा में दवाएं और इलाज में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान बरामद किए। इसके बाद संबंधित क्वार्टर को सील कर दिया गया।
…..अखबार में खबर छपने के बाद हुई कार्रवाई………
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. केबीएन सिंह ने बताया कि नंद किशोर प्रसाद बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में एंबुलेंस चालक के रूप में कार्यरत हैं। उन पर वाल्मीकिनगर में निजी क्लीनिक चलाने और खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज करने का आरोप है। इस संबंध में पूर्व में भी शिकायत मिली थी। उस समय उन्हें फटकार लगाते हुए कथित रूप से अवैध क्लीनिक का संचालन बंद करने का निर्देश दिया गया था।

उन्होंने बताया कि शनिवार को कुछ समाचार पत्रों में इस मामले से संबंधित खबर प्रकाशित होने के बाद वरीय अधिकारियों के निर्देश पर छापेमारी की गई। टीम जब मौके पर पहुंची तो कथित रूप से क्लीनिक चला रहे नंद किशोर प्रसाद पीछे के रास्ते से निकलकर दीवार फांदते हुए फरार हो गए।
…….दवाएं जब्त, प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू……….……………..

डॉक्टर केबी.एन.सिंह मौके पर पहुंचकर अवैध क्लिनिक को शील किया फोटो।
छापेमारी के दौरान टीम ने क्वार्टर से बड़ी मात्रा में दवाएं और चिकित्सा कार्य में उपयोग होने वाले अन्य सामान जब्त किए। संबंधित क्वार्टर को सील कर दिया गया है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के अनुसार, मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित निजी क्लीनिकों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब देखना होगा कि मामले की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और संबंधित आरोपों के आधार पर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
