…..मगठबंधन के महिला आरक्षण विरोध पर जमकर बरसे आरएल एम कार्यकर्ता।

बगहा। अनुमंडल के समक्ष देश में महिला आरक्षण के विरोध करने वाले महागठबंधन के पार्टी के नेताओं के विरुद्ध राष्ट्रीय लोक मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जम कर विरोध मार्च निकाला। मोर्चा का अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष अंबिका कुशवाहा ने किया। इस दौरान अंबिका कुशवाहा ने कहा कि देश के विपक्षी दल के नेताओं के द्वारा महिला आरक्षण बिल को पास नहीं करने देना देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। देश की मुख्य बिपक्षी पार्टी कांग्रेस नहीं चाहती है कि महिलाओं को 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि शर्म आनी चाहिए जिस पार्टी में सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी ममता दीदी जैसी महिलाएं जो कहीं न कहीं देश या राज्य का प्रतिनिधित्व करती हैं। फिर भी महिला आरक्षण बिल को पास नहीं कराना इसका मतलब है कि देश में अराजकता फैलाना है। बिहार में एनडीए गठबंधन की सरकार ने पूर्व से ही पंचायत चुनाव से लेकर नगर परिषद नगर निगम तक सीटों के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा चुका है।
ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति महिलाओं के लिए बेहतर नहीं है। जबकि कहा गया है कि भारत एक गांवों का देश है। लेकिन अब तक राजनीतिक पार्टियां शहरी इलाकों को ही तरजीह देती आ रही है। क्यों ना हम चलें गांव की ओर। गांवों में महिलाओं की मन की भावनाओं की स्थिति की मूल्यांकन कर उनके अधिकारों को पुनर्विचार कर महिला आरक्षण बिल पास करने में अपना योगदान दें।
