ब्यूरो रिपोर्ट : नरेंद्र पांडेय, वाल्मीकि एक्सप्रेस, बगहा (बिहार)
पश्चिम चंपारण जिले के इंडो नेपाल बॉर्डर स्थित बगहा अनुमंडल क्षेत्र में गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से दियारा

क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
मधुबनी प्रखंड अंतर्गत चीउरही पंचायत के रेवहिया गांव में बाढ़ का पानी घुस जाने से लगभग 120 घर प्रभावित हो गए हैं। गांव की सड़कों और गलियों में पानी भर जाने से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पानी तेजी से बढ़ रहा है और कई घरों में कमर तक पानी पहुंच चुका है। पशुओं के चारे, खाद्यान्न और दैनिक उपयोग की वस्तुओं को सुरक्षित रखने में ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है।
चीउरही पंचायत के मुखिया विजय यादव ने बताया कि गंडक नदी के कटाव और बाढ़ ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। उन्होंने कहा कि एक माह पूर्व से ही सैकड़ों घर नदी में विलीन हो चुके हैं, लेकिन अब स्थिति और भी भयावह होती जा रही है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने तथा प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

इधर, वाल्मीकिनगर गंडक बराज से लगभग तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद दियारा क्षेत्र के निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण लोगों की चिंता कम नहीं हो रही है।
बाढ़ का खतरा अब बगहा, पिपरासी, भीतहा, मधुबनी और ठकराहा प्रखंडों के कई गांवों पर मंडराने लगा है। ग्रामीणों ने सरकार और जिला प्रशासन से तटबंधों की मजबूती, राहत शिविरों की व्यवस्था तथा नावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
