नरेंद्र पांडेय ब्यूरो रिपोर्ट बगहा प. चंपारण बिहार………….
नौरंगिया थाना क्षेत्र के जरलहिया पचरूखा गांव में विवाहिता विनिता देवी की दहेज हत्या के मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्रा की अदालत ने दोषी करार दिए गए सास फगनी देवी और ससुर भुट्टी राय को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

लोक अभियोजक जितेंद्र भारती ने बताया कि मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाहों की गवाही कराई गई थी। बचाव पक्ष की ओर से कोई मौखिक या दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपितों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 103(1) एवं 3(5) के तहत दोषी करार दिया था। इसके बाद शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने सजा सुनाई।

अभियोजन के अनुसार, बगहा थाना क्षेत्र के पिपरडाढ़ी निवासी राजू राय ने एक अक्टूबर 2025 को नौरंगिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि उनकी बहन विनिता देवी की शादी करीब दो वर्ष पूर्व जरलहिया पचरूखा गांव निवासी मुन्ना राय से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार हुई थी। शादी में फर्नीचर, आभूषण, दो लाख रुपये नकद और मोटरसाइकिल दी गई थी।

आरोप था कि शादी के करीब एक वर्ष बाद सोने की सिकड़ी की मांग को लेकर सास-ससुर समेत ससुराल पक्ष के लोग विनिता को प्रताड़ित करने लगे थे। संतान नहीं होने को लेकर भी उसे ताने दिए जाते थे। मायके पक्ष की ओर से कई बार पंचायत कर मामला शांत कराने का प्रयास किया गया था।
