नरेंद्र पांडेय ब्यूरो रिपोर्ट बगहा प. चंपारण बिहार…….
नौरंगिया थाना क्षेत्र के जरलहिया पचरूखा गांव में विवाहिता विनिता देवी की दहेज हत्या के मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्रा की अदालत ने सास फगनी देवी और ससुर भुट्टी राय को दोषी करार दिया है। दोनों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 103(1) और 3(5) के तहत दोषी पाया गया है। सजा के बिंदु पर सुनवाई 9 अक्टूबर 2026 को होगी।
लोक अभियोजक जितेन्द्र भारती ने बताया कि मामले में अभियोजन की ओर से छह गवाहों की गवाही कराई गई। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से कोई मौखिक अथवा दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर दोनों आरोपितों को दोषी करार दिया है।
अभियोजन के अनुसार, बगहा थाना क्षेत्र के पिपरडाढ़ी निवासी राजू राय ने 1 अक्टूबर 2025 को नौरंगिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आवेदन में बताया गया था कि उनकी बहन विनिता देवी की शादी करीब दो वर्ष पूर्व जरलहिया पचरूखा निवासी मुन्ना राय से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी में फर्नीचर, आभूषण, दो लाख रुपये नकद और मोटरसाइकिल दी गई थी।

आरोप था कि शादी के करीब एक वर्ष बाद सास फगनी देवी, ससुर भुट्टी राय समेत ससुराल पक्ष के लोग सोने की सिकड़ी की मांग को लेकर विनिता को प्रताड़ित करते थे। उसे संतान नहीं होने को लेकर भी ताना दिया जाता था। मायके पक्ष के लोगों ने कई बार पंचायत कर मामले को शांत कराया था।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि 28 सितंबर 2025 की रात ससुराल पक्ष के लोगों ने विनिता के साथ मारपीट की और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव घर में छोड़कर आरोपी फरार हो गए।
पुलिस ने मामले में सास और ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि पति समेत चार आरोपी फरार थे। न्यायालय के आदेश पर 23 सितंबर 2026 को फरार आरोपियों के घर कुर्की-जप्ती की कार्रवाई भी की गई थी।
