नरेंद्र पांडेय ब्यूरो रिपोर्ट बगहा प. चंपारण बिहार…………..
बगहा व्यवहार न्यायालय के एडीजे-4 मानवेंद्र मिश्रा की अदालत ने विवाहिता पिंकी देवी की संदिग्ध मौत से जुड़े दहेज हत्या मामले में दोषसिद्ध पिता-पुत्र को सजा सुनाई है। अदालत ने मृतका के पति राहुल यादव को 10 वर्ष सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड तथा ससुर कृष्णा यादव को तीन वर्ष कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर दोनों को छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
इससे दो दिन पूर्व गुरुवार को अदालत ने राहुल यादव और कृष्णा यादव को विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में दोषसिद्ध किया था। वहीं मामले में आरोपित गम्हा यादव को साक्ष्यों के आधार पर दोषमुक्त कर दिया गया था। गम्हा यादव को मृतका का मामा बताया गया है।
मामला लौकरिया थाना कांड संख्या 61/2025 से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, पिपराडीह निवासी राजदेव यादव ने अपनी बेटी पिंकी देवी की शादी 26 फरवरी 2024 को जरार निवासी कृष्णा यादव के पुत्र राहुल कुमार यादव से की थी। आरोप था कि शादी के बाद से पिंकी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। ससुराल पक्ष द्वारा चार लाख रुपये और गाड़ी की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया था।

राजदेव यादव ने 27 मई 2025 को लौकरिया थाना में आवेदन देकर बताया था कि सुबह करीब नौ बजे उन्हें बेटी की मौत की सूचना मिली। जरार स्थित ससुराल पहुंचने पर पिंकी देवी मृत अवस्था में मिली। आवेदन में पति राहुल यादव, ससुर कृष्णा यादव, सास पार्वती देवी, ननद सीता कुमारी, आरती कुमारी और गम्हा यादव पर दहेज को लेकर हत्या करने का आरोप लगाया गया था।

पुलिस अनुसंधान के बाद तीन आरोपितों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। अदालत ने 14 नवंबर 2025 को कृष्णा यादव, राहुल यादव और गम्हा यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में आरोप गठित किए थे। विचारण के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर राहुल यादव और कृष्णा यादव को दोषसिद्ध किया गया, जबकि गम्हा यादव को दोषमुक्त कर दिया गया।
लोक अभियोजक जितेंद्र भारती ने अदालत के फैसले को बेटी और बहू की सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि फैसले से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और दहेज प्रताड़ना जैसे मामलों में कानून के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होगा।
