बगहा से नरेंद्र पांडेय की ब्यूरो रिपोर्ट…..
— सीओ पर बाढ़ के चार दिन बाद राहत व सूखा राशन वितरण का लगाया आरोप
— बेघर परिवारों को अब तक नहीं मिला प्लास्टिक सीट व अन्य राहत
बगहा : पिपरासी प्रखंड के सेमरा लबेदहा पंचायत में बाढ़ पीड़ितों के बीच सूखा राशन वितरण में सीओ शशिकांत द्वारा जनप्रतिनिधियों की अनदेखी व अनियमितता का मामला सामने आया है। पंचायत की मुखिया मनोरमा देवी ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच कराने व सूखा राशन वितरण की सूची उपलब्ध कराने की मांग की है।
मुखिया ने पत्र में बताया है कि पंचायत में गंडक नदी की भीषण बाढ़ से बड़ी संख्या में घरों में पानी घुस गया था। कई परिवारों को बाढ़ राहत केंद्र, रेलवे लाइन की बांध, पंचायत सरकार भवन सहित विभिन्न उंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ी।

बाढ़ के कारण कई घर क्षतिग्रस्त होने के साथ ही कुछ लोगों के घर गीर जाने की भी बात पत्र में कही गई है। मालूम हो कि 23 सितंबर की रात से बारिश शुरू हुई जो 26 सितंबर शनिवार की रात तक बरसती रही। 27 से लोगों के घरों में पानी घुसना प्रारंभ हुआ और 29 को जल प्रलय वाला दिन रहा।

इस दौरान सीओ व उनकी टीम के कोई सदस्य दिखाई नहीं दिया और 30 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे बाढ़ पीड़ितों के बीच सूखा राशन का वितरण कराया गया, लेकिन इस दौरान मुखिया, उपमुखिया, वार्ड सदस्य, पंच, सरपंच, उपसरपंच समेत अन्य जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। मुखिया का आरोप है कि एक कर्मचारी व कुछ निजी लोगों के माध्यम से मनमाने तरीके से राशन वितरण किया गया।
डीएम को भेजे गए आवेदन के अनुसार कुछ जगहों पर चूड़ा एक किलो व कुछ स्थानों पर दो किलो दिया गया। गुड़ की मात्रा भी निर्धारित मात्रा से कम होने का आरोप लगाया गया है। वहीं, बांध पर शरण लिए कई बाढ़ पीड़ित परिवारों को अब तक सूखा राशन व प्लास्टिक सीट या तिरपाल आदि नहीं मिलने की बात कही गई है।
मुखिया ने डीएम से मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई व पिपरासी सीओ द्वारा किन-किन लोगों के बीच सूखा राशन वितरित कराया गया, इसकी सूची उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही बंचित लोगों को भी राशन व प्लास्टिक सीट आदि उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
