बिहार की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच पश्चिम चंपारण जिला में राष्ट्रीय जनता दल पार्टी की जिला अध्यक्ष की चुनाव करना था। इसी संदर्भ में राजद अध्यक्ष की कुर्सी पर घमासान मचा है। एक कुर्सी के लिए 11 दावेदार आमने-सामने हैं और सर्वसम्मति नहीं बनने से मामला पटना हाईकमान तक पहुंच गया है। अंतिम फैसला तेजस्वी यादव करेंगे।
सूत्रों के अनुसार नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पर्यवेक्षकों ने सभी 11 दावेदारों को एक मंच पर लाकर निर्विरोध चुनाव का प्रस्ताव रखा, लेकिन कोई पीछे हटने को तैयार नहीं हुआ। कुछ दावेदारों ने गुप्त मतदान की मांग की, जिसे संगठन के नियमों का हवाला देकर खारिज कर दिया गया, जिसके बाद हंगामे के कारण चुनाव स्थगित करना पड़ा।
जिले में समीकरण जटिल है। पिछली बार राजद ने 9 में से सिर्फ लौरिया सीट पर चुनाव लड़ा था, इस बार सभी 9 पर दावेदारी है। दौड़ में निवर्तमान पदाधिकारी, युवा और अति पिछड़ा वर्ग के चेहरे हैं। एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक 11 में 4 यादव, 3 कुशवाहा-अति पिछड़ा और बाकी अल्पसंख्यक व दलित वर्ग से हैं।
2020 में 8 सीटों पर एनडीए जीता था, इसलिए तेजस्वी के सामने सभी वर्गों को साधने वाले चेहरे की चुनौती है। फिलहाल पूरी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल के जरिए तेजस्वी को भेजी गई है, 2-3 दिन में पटना से नाम पर मुहर लगने की उम्मीद है।
