हत्या मामले में तीन साल से जेल में बंद कलीमुद्दीन
हुए रिहा
बगहा से ब्यूरो नरेंद्र पांडेय की रिपोर्ट….
बगहा पुलिस जिला अंतर्गत धनहा थाना क्षेत्र के खलवा पट्टी गांव में करीब तीन वर्ष पहले हुए हत्या के मामले में बगहा व्यवहार न्यायालय ने आरोपी कलीमुद्दीन गद्दी को साक्ष्य के अभाव में आज बरी कर दिया। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्र की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद आरोपी को संदेह का लाभ दिया। मामले में अभियोजन पक्ष के कुछ गवाह अपनी गवाही से मुकर गए, जबकि कुछ गवाह पक्षद्रोही हो गए। इसके बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी नहीं माना। कलीमुद्दीन गद्दी इस मामले में करीब तीन वर्षों से जेल में बंद था।

अभियोजन के अनुसार, खलवा पट्टी गांव निवासी नाजिर गद्दी ने चार सितंबर 2023 को धनहा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में उन्होंने अपने 35 वर्षीय पुत्र गुलाब गद्दी के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया था।
प्राथमिकी के अनुसार, घटना की शुरुआत एक चुटकी खैनी को लेकर हुए विवाद से हुई थी। आरोप लगाया गया था कि गुलाब गद्दी से खैनी मांगने को लेकर विवाद हुआ। विवाद बढ़ने के बाद मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान कलीमुद्दीन गद्दी के द्वारा गुलाब गद्दी के गले पर पेचकस से वार करने का आरोप लगाया था। जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गलत सिद्ध हुआ।
सुनवाई के दौरान कुछ गवाहों के अपने पूर्व बयानों से मुकरने और कुछ के पक्षद्रोही होने के कारण अभियोजन का पक्ष कमजोर हुआ। अदालत में आरोपी के खिलाफ हत्या के आरोप को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं हो सके। इसके आधार पर अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
अदालत के फैसले के बाद करीब तीन वर्षों से जेल में बंद कलीमुद्दीन गद्दी को मामले में राहत मिली है।
