ब्यूरो रिपोर्ट वाल्मीकि एक्सप्रेस नरेंद्र पांडेय बगहा बिहार……………….
बगहा अनुमंडल अंतर्गत मधुबनी प्रखंड के चिउरही पंचायत के रेवहिया गांव में नदी का कटाव लगातार जारी है। मंगलवार की दोपहर पंचायत निधि से लाखों रुपये की लागत से निर्मित कचरा घर का आधा हिस्सा अचानक नदी में समा गया। घटना के बाद गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि कटाव पर जल्द प्रभावी तरीके से रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है।

ग्रामीणों के अनुसार, रेवहिया गांव के पांच नंबर वार्ड के सभी घर पहले ही नदी के कटाव की चपेट में आकर नदी में विलीन हो चुके हैं। अब नदी का कटाव चार नंबर वार्ड की ओर बढ़ रहा है। इससे वहां रहने वाले परिवारों के बीच भी विस्थापन का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि कटाव की रफ्तार इसी तरह जारी रही तो धनहा-रतवल मुख्य मार्ग तक नदी की धारा पहुंच सकती है, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही की आशंका है।
इधर, जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ओर से लगातार दावा किया जा रहा था कि कचरा घर को किसी भी स्थिति में नदी में विलीन नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए कटावरोधी कार्य भी कराया गया, लेकिन मंगलवार को कचरा घर का आधा हिस्सा नदी में समा गया। इससे ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि रोहुआ और एक अन्य नाले में नदी की धारा प्रवेश कर चुकी है। ऐसे में एक बार फिर आसपास के इलाके के लोगों को बाढ़ की समस्या झेलनी पड़ सकती है। भयभीत ग्रामीण अब नदी के शांत होने और गांव को बचाने के लिए गंगा माई की पूजा-पाठ में जुटे हैं।
इधर, प्रशासन ने कटाव पीड़ित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नैनहा ढाला के पूरब दिशा में भूमि चिन्हित कर 140 कटाव पीड़ित परिवारों को बसाने की तैयारी की जा रही है। सीओ नंदलाल राम ने बताया कि चिह्नित भूमि पर कटाव पीड़ित परिवारों को भूमि मुहैया कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भूमि के साथ बासगीत का पर्चा भी उपलब्ध कराया जाएगा।
चिउरही पंचायत के मुखिया विजय यादव ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के प्रति आक्रोश जताते हुए कहा कि विभाग की टीम कटावरोधी कार्य कराने के बावजूद पंचायत निधि से बने कचरा घर को भी नहीं बचा सकी। उन्होंने कटाव प्रभावित क्षेत्र में प्रभावी और स्थायी व्यवस्था की मांग की है।
