बगहा से नरेंद्र पांडेय की रिपोर्ट…..
चौतरवा थाना क्षेत्र में कुश्ती के अखाड़े के पास एक युवक की गोली मारकर हत्या करने के करीब 26 वर्ष पुराने मामले में अदालत ने दोषी दस्यु चुमन यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय रविरंजन की अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।
मामला चौतरवा थाना क्षेत्र के कांड संख्या 106/2000 से जुड़ा है। अपर लोक अभियोजक कमलेश शर्मा ने बताया कि इस मामले में मृतक बृजेश दास के पिता अदालत दास ने चौतरवा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि बगीचा स्थित कुश्ती के अखाड़े के समीप चुमन यादव एवं अन्य लोगों ने उसके पुत्र को पकड़ लिया था।

आरोप के अनुसार, आरोपियों ने बृजेश दास का हाथ गमछे से बांध दिया और इसके बाद दोनाली बंदूक से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया गया।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। गवाहों की गवाही, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की बहस पर विचार करने के बाद जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय रविरंजन की अदालत ने चमन यादव को हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इसके साथ ही दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने मामले में आर्म्स एक्ट के तहत भी सजा सुनाई है।
