बगहा से नरेंद्र पांडेय की रिपोर्ट……
*गंडक नदी पर बिहार और उत्तर प्रदेश की लाइफलाइन माने जाने वाला पीपी तटबंध से जुड़ा है मामला*
नेपाल में हुई त्रासदी से बगहा गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ को देखते हुए पश्चिम चम्पारण जिला प्रशासन के द्वारा हाई अलर्ट किये जाने के बावजूद जल संसाधन विभाग के पीपरा-पीपरासी तटबंध पर निगरानी करने के लिए नियुक्त किये गये अभियंता बिहार सरकार के मंत्री और विधायक के निरीक्षण दौरान गायब पाये गये हैं। नेपाल आपदा के बाद बाढ़ की आशंका को देखते हुए सरकार और प्रशासन लगातार तटबंध और बांधों की निगरानी करना बता रही है।

इसी बीच बिहार सरकार के मंत्री नंदकिशोर राम और बगहा विधायक राम सिंह तटबंध के निरीक्षण करने पहुंचे तो अभियंताओं की गैरमौजूदगी पायी। मंत्री नंदकिशोर राम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पश्चिम चंपारण के डीएम तरनजोत सिंह को फोन कर शिकायत दर्ज कराई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिया है। बतादें कि यह जल संसाधन कर्मियों का खेल कोई नई नहीं है। गंडक नदी किनारे बसे दियारे क्षेत्र के लोग इस त्रासदी को भुगत रहे हैं। लोग अपने घर बार छोड़ कर ऊंचे स्थान पर शरण लिये हुए हैं। जल संसाधन सभी कर्मी यूपी के पडरौना में मस्ती काट रहे हैं। क्योंकि आपदा में इनकी चांदी कटती है और बेबस और बेसहारा दियारे के सैकड़ों घरों के लोगों तक पहुंचने की जहमत नहीं कर पाते।

लोगों ने सरकार से मांग किया है कि जब नदी भीतहा में या मधुबनी पिपरासी में बांध या दियाराव्रती के गांव कटता है तो ये लोग पडरौना से आते आते बहुत देर लगा देते हैं। इनकी office गंडक नदी किनारे किसी नजदीकी जगह पर शिफ्ट किया जाय जो 24 घंटे इनके निगरानी में जल संसाधन संबंधित सभी व्यवस्थाएं सुदृढ़ हो सके।
