पश्चिम चंपारण बेतिया के जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने सोमवार को बेतिया स्थित जिला निबंधन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने निबंधन प्रक्रिया, ई-निबंधन, पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था और कार्यालय परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने पाया कि कार्यालय परिसर में कोई भी गैर-अधिकृत व्यक्ति मौजूद नहीं था। इस पर संतोष जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह व्यवस्था आगे भी सख्ती से बनाए रखी जाए।
डीएम ने कहा कि इससे पहले भी निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि कार्यालय परिसर में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। अक्सर शिकायतें मिलती हैं कि कुछ बिचौलिए रजिस्ट्री प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए परिसर में मौजूद रहते हैं, जिससे पारदर्शिता प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में कार्यरत सभी अधिकृत कर्मी और सर्विस प्रोवाइडर अनिवार्य रूप से अपना परिचय पत्र (ID Card) लगाकर रखें, ताकि आम लोगों को अधिकृत और अनधिकृत व्यक्ति की पहचान करने में आसानी हो।
*पेपरलेस निबंधन को बढ़ावा*
पेपरलेस निबंधन को लेकर डीएम ने कहा कि सरकार इस व्यवस्था को आधुनिक और सरल बनाने पर विशेष जोर दे रही है। इसके लिए विभाग द्वारा सर्विस प्रोवाइडर को लाइसेंस दिया गया है और उन्हें एक सहायक रखने की भी अनुमति दी गई है, जिसकी नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। निरीक्षण के दौरान डीएम ने खुद पेपरलेस निबंधन की प्रक्रिया देखी और बताया कि यह प्रक्रिया वर्तमान में काफी सुगमता से चल रही है।
ई-निबंधन प्रणाली की भी डीएम ने समीक्षा की और सर्विस प्रोवाइडर की कार्यप्रणाली को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
*नेपाल की विवाहित महिलाओं के निबंधन पर अभियान*
निरीक्षण के दौरान स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत होने वाले निबंधन को लेकर भी चर्चा हुई। डीएम ने बताया कि नेपाल मूल की ऐसी महिलाएं जो शादी के बाद पश्चिम चंपारण में रह रही हैं, उनके निबंधन के लिए प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत निबंधन के बाद वे महिलाएं नागरिकता प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकती हैं।
अंत में डीएम ने कहा कि निबंधन कार्यालय की व्यवस्था को पारदर्शी, व्यवस्थित और आम लोगों के लिए सुगम बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार निरीक्षण जारी रहेगा।
