बेतिया से धर्मेंद्र सर्राफ की रिपोर्ट……..
29 साल से संविदा पर काम कर रहे 20 हजार बेल्ट्रॉन कर्मियों ने सरकार को एक महीने का अल्टीमेटम दिया है। शनिवार को BIA सभागार, छज्जूबाग में हुई प्रदेश स्तरीय बैठक में बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा ने निर्णय लिया कि अगर अक्टूबर अंत तक राज्यकर्मी का दर्जा और वेतनमान का लिखित आदेश जारी नहीं हुआ तो नवंबर से चरणबद्ध आंदोलन और फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।

*क्या है मामला:*
मोर्चा का कहना है कि 1997 से डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर और आईटी बॉय/गर्ल के रूप में लगभग 20 हजार कर्मी बिहार सरकार के विभिन्न विभागों, सचिवालयों में काम कर रहे हैं। टाइपिंग से लेकर सभी ऑनलाइन और डिजिटल कार्य इन्हीं से लिए जाते हैं, लेकिन आज तक न तो सेवा नियमावली बनी और न ही सेवा सुरक्षा मिली। सैकड़ों कर्मी बिना किसी रिटायरमेंट लाभ के सेवा से बाहर हो चुके हैं।

*बैठक में क्या बोले नेता:*
*चंद्र प्रकाश सिंह, संरक्षक -* “कर्मियों ने सरकार को जीवन का बहुमूल्य समय दिया है। अब उम्र सीमा खत्म हो रही है, सरकार को कल्याणकारी नीति अपनानी चाहिए।”
*अशोक कुमार यादव -* “सुप्रीम कोर्ट के आदेश और महाधिवक्ता की अनुशंसा के बाद भी सरकार नीतिगत निर्णय नहीं ले रही है।”
*विशाल कुमार -* “29 साल से ठेका मजदूर की तरह काम लिया जा रहा है। अब निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।”
*नीतिश झा -* “नियुक्ति बेल्ट्रॉन निगम द्वारा रोस्टर का पालन कर की गई है। सरकार ने अगर जल्द निर्णय नहीं लिया तो हम सड़क पर उतरेंगे।”
*अनिल सिंह -* ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह लड़ाई अपने बच्चों के भविष्य के लिए लड़ी जा रही है। जिसमें सरकार की नीतियों के विरुद्ध सचिवालय से लेकर पंचायत स्तर तक सभी कार्यालयों के कंप्यूटर शटडाउन किए जाएंगे।

*महिला इकाई – संगीता, ममता, रुचि -* ने 10% सालाना बढ़ोतरी रोकने पर विरोध जताया और कहा कि मौजूदा सुविधा जारी रखते हुए राज्यकर्मी घोषित किया जाए।
मोर्चा ने बताया कि इस बैठक में सभी जिलों की कार्यकारिणी के साथ-साथ समन्वय समिति के मिथिलेश गुप्ता, रतन लाल जयशंकर प्रसाद, संतोष कुमार, लक्ष्मण शर्मा, रामापति, मनीष कुमार सिंह, गुड्डू मिश्रा, अनिल झा, अनुज कुमार सिंह, प्रियतोष पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में कर्मी शामिल हुए।
