नरेंद्र पांडेय ब्यूरो रिपोर्ट बगहा प. चंपारण बिहार..….………..
दहेज के लिए विवाहिता को प्रताड़ित करने, मारपीट करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में बगहा व्यवहार न्यायालय के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्रा की अदालत ने बुधवार को पति, सास और ससुर को दोषी करार दिया। न्यायालय ने रंजीत चौधरी, दयवंती देवी और मथुरा प्रसाद के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर सिद्ध माना। तीनों को सजा कितनी होगी, इस पर 14 अक्टूबर को सुनवाई होगी।

लोक अभियोजक जितेन्द्र भारती ने बताया कि सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से तमाम साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। गवाहों की गवाही, उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों और मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने तीनों आरोपितों को दोषी करार दिया है। उन्होंने बताया कि मृतका के पति रंजीत चौधरी, ससुर मथुरा प्रसाद और सास दयवंती देवी पर दहेज के लिए विवाहिता को प्रताड़ित करने, मारपीट करने तथा आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप सिद्ध हुआ है।
अभियोजन के अनुसार, रामनगर थाना क्षेत्र में हुई घटना को लेकर मृतका के पिता उपेन्द्र प्रसाद के लिखित आवेदन पर रामनगर थाना कांड संख्या 28/2017 दर्ज की गई थी। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 498(ए), 302 एवं 34 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई थी। मृतका रीना देवी की शादी वर्ष 2002 में रंजीत चौधरी के साथ हुई थी। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ वर्षों बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग रीना देवी के साथ मारपीट और प्रताड़ना करते थे।
अभियोजन की ओर से न्यायालय में प्रस्तुत मामले के अनुसार, 19 जनवरी 2017 को मृतका के मायके वालों को सूचना मिली कि रीना देवी आग में जलकर मर गई है। मृतका के पिता ने आरोप लगाया था कि उसकी पुत्री को पति रंजीत चौधरी, सास दयवंती देवी और ससुर मथुरा प्रसाद ने जला कर मार दिया।
मामले में न्यायालय ने 26 अप्रैल 2017 को आरोप गठित किया था। इसके बाद अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से साक्ष्य एवं गवाही की प्रक्रिया चली। 24 फरवरी 2026 को आरोपितों का बयान भी दर्ज किया गया। अंततः सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने तीनों को दोषी करार दिया। अब 14 अक्टूबर को सजा के बिंदु पर फैसला होगा।
