बगहा से नरेंद्र पांडेय की रिपोर्ट…..
नरकटियागंज में ऐसा ही भावुक नजारा देखने को मिला। पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी।
समारोह में एसएसपी कुमार गौतम, एसडीएम अभिजीत कुमार गोविंदा, डीएसपी देवानंद राउत, अतनु दत्ता समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। एसएसपी कुमार गौतम ने जय प्रकाश सिंह की कार्यशैली और कर्तव्यनिष्ठा की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि तबादला नौकरी का हिस्सा है, लेकिन कुछ अधिकारी अपने काम और व्यवहार से ऐसी छाप छोड़ जाते हैं, जो पद से कहीं बड़ी होती है।

एसएसपी ने उनके कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि किसी घटना या पर्व-त्योहार के दौरान जब भी उनसे बात होती थी, उनका भरोसे से भरा जवाब होता था—“सर, आप श्योर रहिए… कुछ नहीं होगा। मैं सब कुछ शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करा लूंगा।” स्वास्थ्य को लेकर टोकने पर भी उनका जवाब रहता था—“सर, टाइम नहीं है।” इन बातों को याद करते हुए एसएसपी भावुक हो उठे और उनके उज्ज्वल भविष्य व बेहतर स्वास्थ्य की कामना की।
वहीं, विदाई के दौरान जय प्रकाश सिंह भी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच दोस्ताना संबंध बनाकर काम करना तथा जरूरतमंदों की मदद करना हमेशा उनकी प्राथमिकता रही। मामलों के उद्भेदन में जनता के सहयोग को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया और कहा, “चंपारण की धरती से मुझे विशेष लगाव हो गया है।”

उन्होंने पुलिसकर्मियों से पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने की अपील की। समारोह में डीएसपी देवानंद राउत और सहोदरा थानाध्यक्ष ऋतुराज जायसवाल ने गीत प्रस्तुत कर माहौल को और भावुक बना दिया। अंत में एसएसपी ने अंगवस्त्र व उपहार देकर सम्मानित किया। वहीं अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मोमेंटो, पुष्पगुच्छ और फूलमाला भेंट कर उन्हें भावभीनी विदाई दी।
