ब्यूरो रिपोर्ट धर्मेंद्र सर्राफ……..
नगर निगम बेतिया में कनीय अभियंता सुजय सुमन का मामला फिर गरमा गया है। दो दशक से अधिक समय से एक ही जगह जमे जेई के विरुद्ध विभागीय पत्र आने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर उप महापौर गायत्री देवी ने सवाल खड़े किए हैं।
उप महापौर ने इस मामले को लेकर लगातार सवाल उठाया था। इसके बाद नगर विकास एवं आवास विभाग के अवर सचिव की ओर से नगर निगम को पत्र भेजा गया है। पत्र में सुजय सुमन के मामले को गंभीर बताते हुए आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। विभाग ने मामले को सशक्त स्थायी समिति के समक्ष रखने और सभी अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा है।
इसी को लेकर उप महापौर गायत्री देवी ने 26 सितंबर को महापौर को पत्र लिखकर शीघ्र सशक्त स्थायी समिति की बैठक बुलाने और कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
उप महापौर पक्ष का कहना है कि सुजय सुमन की बहाली, सेवा और कार्यप्रणाली को लेकर लंबे समय से गंभीर आरोप लगते रहे हैं, लेकिन पहले कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब विभागीय पत्र आने के बाद भी निगम प्रशासन चुप है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि विभाग के निर्देश के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? क्या संबंधित अधिकारी को किसी का संरक्षण प्राप्त है? क्या निगम प्रशासन कार्रवाई से बच रहा है? सबसे बड़ा सवाल है कि क्या महापौर कार्यालय ही कार्रवाई नहीं चाहता?
उप महापौर गायत्री देवी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी को निशाना बनाना नहीं, बल्कि निगम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने मांग की है कि विभागीय पत्र को तत्काल समिति के समक्ष रखा जाए, अभिलेखों की जांच हो और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
