लौरिया से आशीष कुमार पांडेय की रिपोर्ट…

लौरिया नगर पंचायत बनने के बाद विकास की उम्मीद लगाए बैठे वार्ड संख्या-5 और 7 के लोगों को आज भी जर्जर सड़क और जलजमाव की समस्या से राहत नहीं मिल सकी है। सरकारी अस्पताल से गंडक मार्ग होते हुए लौरिया बाजार तक जाने वाली मुख्य सड़क वर्षों से गड्ढों में तब्दील है। मानसून की बारिश शुरू होते ही सड़क तालाब का रूप ले लेती है। जिससे राहगीरों, मरीजों, स्कूली बच्चों और कोचिंग जाने वाले छात्रों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा भी लगातार बना रहता है।
स्थानीय समाजसेवी विशाल पाठक, रवि कुमार, अभिषेक गुप्ता, सुमीत तिवारी, कमलेश तिवारी, विनय सिंह, अवधेश सिंह, रंजीत दूबे, हरिन्द्र सिंह, मीना देवी और राकेश कुमार समेत अन्य लोगों का कहना है कि करीब एक दशक से सड़क की स्थिति नहीं बदली है। कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
ग्रामीणों का आरोप है कि नगर पंचायत बनने के बावजूद सड़क निर्माण और जलनिकासी की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। इससे हर वर्ष बरसात में लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो जनआंदोलन किया जाएगा।
कार्यपालक पदाधिकारी दिनेश पुरी ने बताया कि सड़क निर्माण की निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है। प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
