बगहा से नरेंद्र पांडेय की रिपोर्ट…
रोहतास: डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जांच में सामने आया है कि इस सनसनीखेज वारदात को किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि उनके चालक मिथलेश कुमार ने अंजाम दिया था। मगध क्षेत्र के तत्कालीन आईजी विकास वैभव ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी ने पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार कर ली है।
पुलिस के अनुसार, चालक ने बताया कि लगातार ओवरटाइम ड्यूटी, काम का बढ़ता दबाव और अधिकारी की फटकार से वह लंबे समय से मानसिक तनाव में था। घटना वाले दिन भी उसने देर शाम पटना जाने से मना किया था, लेकिन ईओ के दबाव में उसे यात्रा करनी पड़ी। इसी बात को लेकर उसके मन में आक्रोश बढ़ता गया।

जांच में पता चला कि बारुण थाना क्षेत्र के नहर रोड पर चालक ने पेशाब करने के बहाने गाड़ी रोकी। इसी दौरान दोनों के बीच फिर कहासुनी हुई। गुस्से में चालक ने गाड़ी की टूल किट से टायर खोलने वाली लोहे की रॉड निकाली और ईओ के सिर पर कई वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से विमल कुमार की मौके पर ही मौत हो गई।

वारदात के बाद आरोपी ने हत्या को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की। उसने वाहन को पलट दिया और पुलिस को गुमराह करने के लिए अपाची बाइक सवार बदमाशों द्वारा हमले की झूठी कहानी सुनाई। लेकिन पूछताछ के दौरान उसके बयान बार-बार बदलते रहे, जिससे पुलिस का शक गहरा गया।
कड़ाई से पूछताछ में आरोपी टूट गया और हत्या की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने नहर से हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड भी बरामद कर ली है। पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने नहीं आई है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
