
बेतिया से नरेंद्र पांडेय की रिपोर्ट..
आमतौर पर जिलाधिकारी को बैठकों, निरीक्षणों और सरकारी कार्यक्रमों में देखा जाता है, लेकिन वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह का एक अलग और प्रेरणादायक अंदाज सामने आया। बिदुपुर प्रखंड के खजवत्ता गांव में वह सीधे खेत में पहुंचीं और महिला किसानों के साथ धान की रोपनी कर सबका दिल जीत लिया।
बिदुपुर प्रखंड की शहदुल्लापुर धोबौली पंचायत स्थित खजवत्ता गांव में प्राकृतिक खेती आधारित बीआरसी मॉडल खेत का निरीक्षण करने पहुंचीं डीएम ने खेती की विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने खुद खेत में उतरकर श्रीविधि (SRI) पद्धति से धान की रोपनी की और महिला किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया।

डीएम ने किसानों से प्राकृतिक और वैज्ञानिक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकों और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों से उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता भी सुरक्षित रखी जा सकती है। उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
खेत में डीएम को अपने बीच काम करते देख महिला किसान और ग्रामीण काफी उत्साहित नजर आए। ग्रामीणों ने कहा कि किसी जिलाधिकारी को इस तरह खेत में उतरकर किसानों के साथ काम करते पहली बार देखा है। इस अनोखी पहल ने प्रशासन और किसानों के बीच बेहतर संवाद का संदेश भी दिया।
डीएम वर्षा सिंह का यह अलग अंदाज अब चर्चा का विषय बना हुआ है। खेत में उतरकर किसानों के साथ धान की रोपनी करने की उनकी तस्वीरें और वीडियो लोगों को प्रेरित कर रहे हैं और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक संदेश दे रहे हैं।
