लौरिया से आशीष कुमार पांडेय की रिपोर्ट..
सावन माह के प्रथम दिन गुरुवार को प्रखंड के तेलपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के चार बजे से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।

सावन के पहले दिन श्रद्धालुओं ने मशान नदी से पवित्र जल भरकर भव्य कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए तेलपुर शिव मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस दौरान पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से गुंजायमान रहा।

भक्त अपने साथ बेलपत्र, धतूरा, दूध, फल-फूल एवं अन्य पूजन सामग्री लेकर मंदिर पहुंचे। महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर में दिनभर भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर समिति द्वारा पेयजल, कतारबद्ध दर्शन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय स्तर पर विशेष सतर्कता बरती गई। सुबह शुरू हुआ जलाभिषेक और दर्शन-पूजन का क्रम देर शाम तक जारी रहा।
धार्मिक आयोजन एवं कलश यात्रा को सफल बनाने में न्यू ग्रुप शिव मंदिर समिति के सदस्य रंजीत कुमार श्रीवास्तव, शैलेश सहनी, रामभुवन महतो, विजय यादव, ललन श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, धनराज पंडित, मनोज महतो, संतोष महतो, योगेंद्र ठाकुर सहित अन्य श्रद्धालुओं की सक्रिय भूमिका रही।
विशेष:
तेलपुर शिव मंदिर का हाल के वर्षों में जीर्णोद्धार कराया गया है। मंदिर में स्थापित प्राचीन ज्योतिर्लिंग प्रखंड के शिव मंदिरों में सबसे प्राचीन माना जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह ज्योतिर्लिंग सदियों पुराना है और सावन माह में यहां दूर-दूर से श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।
