*डीजीपी विनय कुमार ने अशोक चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित, उत्कृष्ट अभियोजन और प्रभावी पैरवी को मिली राज्यस्तरीय पहचान*
बगहा से नरेंद्र पांडेय की रिपोर्ट..
बगहा व्यवहार न्यायालय के अपर लोक अभियोजक (एपीपी) जितेंद्र कुमार भारती को मानव तस्करी के एक संवेदनशील मामले में त्वरित न्याय सुनिश्चित कराने में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिए बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने पटना में अशोक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराध के विरुद्ध प्रभावी अभियोजन, समयबद्ध न्यायिक प्रक्रिया और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने में उनके योगदान के लिए दिया गया।

जानकारी के अनुसार, नौरंगिया थाना कांड संख्या 05/26 (दिनांक 22 जनवरी 2026) मानव तस्करी से संबंधित था। इस मामले में वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर दो अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप-पत्र समर्पित किया गया। इसके बाद मामले का त्वरित विचारण कराते हुए अभियुक्तों को न्यायालय से सजा दिलाने में अपर लोक अभियोजक जितेंद्र कुमार भारती ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनके इस उत्कृष्ट कार्य की पहले बगहा पुलिस अधीक्षक स्तर पर भी सराहना की गई थी। इसके बाद राज्य स्तर पर उनकी उपलब्धि को मान्यता देते हुए डीजीपी विनय कुमार ने उन्हें अशोक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया।उल्लेखनीय है कि एपीपी जितेंद्र कुमार भारती को इससे पूर्व भी एक दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मामलों में अभियुक्तों को सजा दिलाने में प्रभावी पैरवी और उत्कृष्ट अभियोजन के लिए कई बार सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें बगहा के पूर्व पुलिस अधीक्षक किरण कुमार गोरख जाधव, सुशांत कुमार सरोज तथा रामानंद कौशल सहित अन्य अधिकारियों द्वारा भी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया है।
सम्मान-पत्र में उल्लेख किया गया है कि मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराध के विरुद्ध उनकी संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और प्रभावी अभियोजन ने पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह सम्मान कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक माना गया है।
