*25 साल से पुलिस को थी इंतजार केला खाते हुए अपराधी पकड़ा गया*
प. चंपारण बिहार बेतिया से नरेंद्र पांडेय की रिपोर्ट…….
चंपारण में कभी आतंक का पर्याय रहा डकैती कांड का फरार आरोपी आखिरकार 25 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
साधु बनकर नेपाल में फरारी काट रहा कुख्यात सुरेन्द्र ठाकुर को शिकारपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिकारपुर थाना क्षेत्र के लंगड़ा-दिउलिया गांव निवासी स्व. हीरा ठाकुर के पुत्र सुरेन्द्र ठाकुर के रूप में हुई है। वह चंपारण के कुख्यात दस्यु सरगना प्रमोद चौधरी का शागिर्द बताया जाता है।
*चमुआ चौक से हुई गिरफ्तारी*
शिकारपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि साधु के वेश में एक संदिग्ध व्यक्ति चमुआ चौक के आसपास देखा गया है।
सूचना के आधार पर एसआई राजेश कुमार और संजीव कुमार के नेतृत्व में टीम ने घेराबंदी कर निगरानी शुरू की। पुलिस को देख आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने और बरगलाने की कोशिश की, लेकिन कड़ाई से पूछताछ में उसने अपना असली नाम सुरेन्द्र ठाकुर स्वीकार कर लिया।
*2001 से अपराध की दुनिया में सक्रिय*
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2001 से ही डकैत गिरोह के साथ सक्रिय था। उसके खिलाफ बलथर थाने में वर्ष 2006 में डकैती का मामला दर्ज है, जिसमें न्यायालय से स्थायी वारंट और कुर्की का आदेश जारी था। इसके अलावा अपहरण, लूट और डकैती के कई मामलों में वह वांछित था।
*नेपाल में साधु बनकर काट रहा था फरारी*
आरोपी डकैती की घटना के बाद नेपाल भाग गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने दाढ़ी-बाल बढ़ा लिए और साधु का वेश धारण कर अलग-अलग ठिकानों पर रहने लगा। वह चोरी-छिपे गांव भी आता-जाता था। पहली नजर में साधु के भेष में उसे पहचानना मुश्किल था।
पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और उसके अन्य आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है।
