बगहा से नरेंद्र पांडेय की रिपोर्ट….
🔴 मानवता के मसीहा थे पद्मभूषण डॉ. कमलाकर त्रिपाठी
🏥 BHU में वर्षों तक किया हजारों मरीजों का सफल इलाज.
✅ सेवा, समर्पण और चिकित्सा का अद्भुत संगम.
✅ मरीजों के बीच आज भी जीवित हैं डॉ. त्रिपाठी की यादें.
बगहा/वाराणसी। पद्मभूषण से सम्मानित प्रख्यात चिकित्सक एवं साहित्यकार डॉ. कमलाकर त्रिपाठी ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में डॉक्टर के रूप में वर्षों तक अपनी सेवाएं देकर चिकित्सा जगत में एक अमिट पहचान बनाई। उन्होंने हजारों मरीजों का सफल इलाज कर न केवल एक कुशल चिकित्सक बल्कि मानवता के सच्चे सेवक के रूप में मिसाल कायम की।

डॉ. त्रिपाठी अपनी सरलता, विनम्रता और मरीजों के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों के प्रति उनका विशेष लगाव था। चिकित्सा सेवा के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और समाज के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके जीवन और कार्यों से प्रेरित होकर आज भी लोग उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद करते हैं।
इस दौरान पत्रकार नरेंद्र पांडेय, प्रो.अरविंद नाथ तिवारी, चंद्रभूषण शांडिल्य, इजरायल अंसारी, मुरारी शरण तिवारी, रमेश मिश्र तथा चंद्रप्रकाश आर्य सहित बगहा के सैकड़ों गणमान्य लोगों ने कहा कि वाराणसी में डॉ. कमलाकर त्रिपाठी का स्मृति पार्क बनने पर बगहा के स्थानीय लोगों में काफी खुशी की लहर है।जीवन सेवा, करुणा और मानवता का प्रतीक था।

उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी।
“BHU के महान चिकित्सक”
“डॉ. कमलाकर त्रिपाठी की सेवा को नमन”
“हजारों मरीजों को दी नई जिंदगी”
