अंडा से आय में बृद्धि….
बेतिया से नरेंद्र पांडेय की रिपोर्ट…
बेतिया के मझौलिया कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर, पश्चिमी चम्पारण के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने मझौलिया प्रखंड के कर्मवा गांव के युवा किसान आर्यन कुमार के प्रक्षेत्र का भ्रमण किया।डॉ. सिंह ने बताया कि आर्यन कुमार ने वर्ष 2024-25 में केवीके माधोपुर से बत्तख एवं मत्स्य पालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया था। प्रशिक्षण के उपरांत केवीके वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में प्रोजेक्ट बनाकर उन्होंने बिहार सरकार के वित्तीय सहयोग से इंडियन रनर बत्तख एवं देशी मांगुर का एकीकृत पालन शुरू किया।
आज इनके फार्म में 1980 बत्तखें हैं, जिनसे प्रतिदिन 1300 से 1400 अंडे प्राप्त हो रहे हैं। अंडों की बिक्री से प्रतिदिन रु. 16,200 की सकल आय हो रही है। इसके अलावा इनके पास लगभग 7 क्विंटल देशी मांगुर भी बिक्री के लिए तैयार है।खर्च की बात करें तो प्रतिदिन दाना पर रु. 5500 एवं श्रमिक पर रु. 1000 खर्च होता है। सभी खर्च काटने के बाद आर्यन कुमार औसतन रु. 11,500 प्रतिदिन का शुद्ध लाभ कमा रहे हैं। साथ ही उन्होंने 2 लोगों को रोजगार भी प्रदान किया है।डॉ. सिंह ने कहा कि यह मॉडल छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है। एकीकृत कृषि प्रणाली से न केवल आय बढ़ती है बल्कि जोखिम भी कम होता है।
केवीके माधोपुर अन्य युवाओं को भी इस तरह के उद्यम अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।
