…पहले से दर्ज हैं मद्यनिषेध अधिनियम के चार मामले, 20 लीटर देसी शराब हुई थी बरामद
नरेंद्र पांडेय ब्यूरो रिपोर्ट बगहा बिहार…..
बगहा न्यायालय (मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम) ने शराब बरामदगी के मामले में दोषी गौरीशंकर राय को पांच साल के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। आरोपी के खिलाफ मद्यनिषेध अधिनियम की धारा 30(ए) के तहत पहले से चार मामले दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।

विशेष लोक अभियोजक (मद्यनिषेध) अनवर हुसैन अंसारी ने बताया कि बगहा थाना कांड संख्या 244/24, दिनांक 16 सितंबर 2024 के तहत दर्ज मामले में गौरीशंकर राय, पिता स्वर्गीय कपिलदेव राय, निवासी सोहगी घाट, वार्ड संख्या-29, थाना बगहा, जिला पश्चिम चंपारण के विरुद्ध बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2018 की धारा 30(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
मामले के अनुसार, घटना के दिन अभियुक्त गौरीशंकर राय के माथे पर रखे प्लास्टिक के बोरे से 20 लीटर देसी शराब बरामद की गई थी। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर विशेष न्यायाधीश राजीव कुमार द्विवेदी की अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार दिया।
विशेष लोक अभियोजक के अनुसार, जांच में अभियुक्त के खिलाफ मद्यनिषेध अधिनियम की धारा 30(ए) के तहत पहले से चार मामले दर्ज होने की जानकारी मिली थी। न्यायालय ने 13 अक्टूबर 2026 को अंतिम फैसला सुनाते हुए पांच साल के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। फैसले को शराबबंदी कानून के तहत कार्रवाई के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
