बगहासे नरेंद्र पांडेय की रिपोर्ट../
प्रखंड बगहा एक कार्यालय सभागार में सोमवार को आयोजित प्रखंड उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में खुदरा खाद विक्रेताओं और होलसेल उर्वरक विक्रेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। खुदरा विक्रेताओं ने होलसेलरों पर निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने तथा उर्वरक के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग करने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया।
खुदरा विक्रेताओं का कहना था कि अधिक कीमत पर उर्वरक खरीदने की वजह से किसानों को सरकारी निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि होलसेलर उर्वरक देने के साथ अन्य उत्पाद खरीदने का भी दबाव बनाते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इस मुद्दे को लेकर बैठक में कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।मामला बढ़ता देख बीडीओ प्रदीप कुमार ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि उर्वरक की बिक्री केवल सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर ही की जाएगी। यदि कहीं भी अधिक कीमत वसूले जाने या अन्य उत्पादों की टैगिंग की शिकायत मिली तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उर्वरक की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था तथा किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के उपायों पर भी चर्चा की गई। बीडीओ ने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और उर्वरक वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा। इस दौरान बीडीओ प्रदीप कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी अभय कुमार , प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि पारस बैठा,कृषि किसान सलाहकार व खुदरा खाद विक्रेता मौजूद थे।
